मौर्य प्रशासन (Maurya Administration)

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मौर्य प्रशासन के बारे में जानकारी इतिहास के कई स्रोतों से मिलती है जिनमे साहित्यिक स्रोत प्रमुख है
आइये देखते है कि वे स्रोत कौन-कौन से है |

  • विष्णुपुराण में नन्द वंश की उत्पत्ति और उनके साम्राज्य के बारे में वर्णन मिलता है
  • बौद्ध साहित्य के अशोकावदान और दिव्यावदान में अशोक का जीवन चरित वर्णन है
  • श्रीलंकाई ग्रन्थ, दीपवंश और महावंश में अशोक का वर्णन मिलता है
  • जैन साहित्य “स्थविरावली” में चन्द्रगुप्त मौर्य का उल्लेख है जो हेमचन्द्र द्वारा लिखा गया है
  • कौटिल्य का अर्थशास्त्र मौर्य साम्राज्य का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है।
Chankya
  • कल्हण की राजतरंगिणी में भी मौर्य प्रशासन का उल्लेख है
  • इसके अलावा विशाखदत्त द्वारा रचित मुद्राराक्षस और मेगस्थनीज़ की इंडिका मौर्य प्रशासन के महत्वपूर्ण स्रोत है
  • कौटिल्य या विष्णुगुप्त चाणक्य ने प्रशासन के सप्तांग सिद्धांत दिए थे
1-सम्राट
2-अमात्य (मंत्री)
3-जनपद(क्षेत्र और जनसंख्या)
4-दुर्ग(किला)
5-कोष
6-बल (सेना)
7-मित्र

राजा के सलाह के लिए मंत्रिपरिषद होती थी तथा यह एक बड़ी संस्था होती थी जिसमे विभिन्न विभागों के मंत्री होते थे
मंत्रिपरिषद के सदस्यों का वार्षिक वेतन 48000 पण होता था
कौटिल्य ने कुल 32 विभाग बताये थे

प्रशासन में जासूस भी होते थे

  • एक ही जगह पर रह कर जासूसी करने वाले गुप्तचरों को संस्था कहा जाता था
  • जो जासूसी करने अन्य जगहों पर जाते थे उन्हें संचरा कहा जाता था


गुप्तचर बनाने हेतु उपधा परीक्षा पास करनी पड़ती थी

इसमें सन्यासी, विद्यार्थी, गृहस्थ तथा विषकन्याएं होती थी

सैन्य विभाग का प्रधान सेनापति होता था ,सेनापति को 48000 पण वार्षिक वेतन मिलता था
युद्ध क्षेत्र में सेना का संचालन करने वाला पदाधिकारी “नायक” कहलाता था

सेना संचालन के लिए 30 सदस्यीय समिति होती थी
जो 6 उपसमितियों में बनती होती थी जिसमे 5 -5 सदस्य होते थे
ये उपसमितियाँ थी
नौसेना
युद्धसामग्री
अश्वारोही
पैदल
रथ
हाथी

न्यायालय विभाग के दो प्रकार थे
धर्मस्थीय (दीवानी न्यायलय )
कंटकशोधन (फौजदारी)
मुख्य न्यायाधीश को “धर्माधिकारिन” कहा जाता था

राजस्व वसूली के मुख्य न्यायाधिकारी को समाहर्ता कहा जाता था
राजकोष के प्रधान को सन्निधाता कहा जाता था
सिंचाई भूमि से उपज का 1/5 भाग से 1/3 भाग तक लिया जाता था

मौर्य कालीन कर(Taxes)

भागभू-राजस्व
बलिधार्मिक कर
प्रतिकरअतिरिक्त
हिरण्यनगद कर
विष्टिबेगार
प्रणयआपातकालीन
उत्संगउत्सव के समय राजा को दिया जाने वाला कर

very very Important

stay safe

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